क्रिकेट का अजूबा, Cricket दुनिया के 5 गेंदबाज जिनकी Ball पर कभी नहीं लगा 6 , क्रिकेट में जब भी आक्रामक बल्लेबाज़ी की बात होती है, तो छक्कों का ज़िक्र ज़रूर आता है। लेकिन क्या आप मानेंगे कि दुनिया में कुछ ऐसे भी गेंदबाज़ रहे हैं, जिनकी गेंदों पर आज तक कोई बल्लेबाज़ छक्का नहीं जड़ पाया? जी हां, यह बिलकुल सच है। क्रिकेट के इतिहास में ऐसे पांच नाम दर्ज हैं, जिनकी गेंदों का सामना तो कई दिग्गजों ने किया, लेकिन उन्हें आसमान के पार भेजना नामुमकिन साबित हुआ। आइए जानते हैं इन अनोखे गेंदबाज़ों के बारे में:

1. डेरेक प्रिंगल (इंग्लैंड)
इंग्लैंड के पूर्व क्रिकेटर डेरेक प्रिंगल ने भले ही अपने करियर की शुरुआत बतौर बल्लेबाज़ की थी, लेकिन उन्होंने मीडियम पेस गेंदबाज़ के रूप में खुद को स्थापित कर लिया। उन्होंने इंग्लैंड के लिए 30 टेस्ट मैच खेले, जिसमें 5287 गेंदें फेंकी और 70 विकेट हासिल किए। हैरानी की बात ये है कि इतने लंबे करियर में एक भी बल्लेबाज़ उनकी गेंद पर छक्का नहीं मार पाया।
2. मुदस्सर नजर (पाकिस्तान)
पाकिस्तान के लिए 1976 से 1989 तक खेलने वाले मुदस्सर नजर को एक भरोसेमंद ऑलराउंडर के रूप में जाना जाता है। उन्होंने 76 टेस्ट और 122 वनडे मैच खेले। टेस्ट मैचों में उन्होंने 5905 गेंदें डालीं लेकिन एक बार भी उनकी गेंद पर किसी ने छक्का नहीं जड़ा। यह रिकॉर्ड अपने आप में खास है।
3. महमूद हुसैन (पाकिस्तान)
पाकिस्तान के तेज़ गेंदबाज़ महमूद हुसैन को 1952-53 के भारत दौरे के दौरान पहचान मिली थी। उन्होंने 27 टेस्ट मैचों में 5910 गेंदें फेंकी और 68 विकेट लिए। इतने लंबे अंतरराष्ट्रीय करियर में भी किसी बल्लेबाज़ ने उनके खिलाफ छक्का नहीं लगाया – यह आंकड़ा उनकी सटीक लाइन-लेंथ और रणनीति को दर्शाता है।
4. कीथ मिलर (ऑस्ट्रेलिया)
ऑस्ट्रेलिया के दिग्गज ऑलराउंडर कीथ मिलर को उनकी तेज़ गेंदबाज़ी और शानदार खेल शैली के लिए याद किया जाता है। उन्होंने 55 टेस्ट मैचों में 170 विकेट चटकाए और कुल 10,461 गेंदें फेंकीं। आश्चर्य की बात है कि इतने सारे ओवर फेंकने के बावजूद एक भी छक्का उनकी गेंदों पर नहीं लगा।
5. नील हॉक (ऑस्ट्रेलिया)
ऑस्ट्रेलिया के नील हॉक ने 1963 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कदम रखा। उन्होंने 27 टेस्ट और 145 प्रथम श्रेणी मैच खेले। उनके नाम कुल 6987 गेंदें दर्ज हैं और दिलचस्प बात ये है कि किसी भी बल्लेबाज़ ने उनकी गेंद पर छक्का नहीं लगाया। यह रिकॉर्ड उन्हें क्रिकेट के सबसे अनुशासित गेंदबाज़ों में से एक बनाता है।
इन पांच गेंदबाज़ों की कहानी ये साबित करती है कि क्रिकेट सिर्फ ताकत का नहीं, बल्कि धैर्य, रणनीति और नियंत्रण का भी खेल है। जहां आज के दौर में एक ओवर में कई छक्के लग जाते हैं, वहीं इन खिलाड़ियों की गेंदबाज़ी इतनी सधी हुई थी कि कोई भी बल्लेबाज़ उन्हें हवा में नहीं उड़ा सका।